आज बिरज में होरी रे रसिया- AAJ BIRAJ ME HORI RE RASIYA

आज बिरज में होरी रे रसिया
       होली रे रसिया, बरजोरी रे रसिया ॥  आज बिरज में -----------
चोवा चन्दन और अगरजा,
   केसर मृगमद घोरी रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------

इधर से आए कुँवर कन्हैया, इधर से आए कुँवर कन्हैया
       उधर से राधा गोरी रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------
अपने-अपने घर से निकलीं, अपने-अपने घर से निकलीं
       कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------

कौन के हाथ कनक पिचकारी, कौन के हाथ कनक पिचकारी
       कौन के हाथ कमोरी रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------
राधा के हाथ कनक पिचकारी, राधा के हाथ कनक पिचकारी
       श्याम के हाथ कमोरी रे रसिया ॥ आज बिरज में ----------

कितना लाल-गुलाल मँगाया, कितना लाल-गुलाल मँगाया
       कितनी मँगाई केसर रे रसिया॥ आज बिरज में -----------
सौ मन लाल-गुलाल मँगाया, सौ मन लाल-गुलाल मँगाया
       दस मन केसर घोली रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------

उड़ा गुलाल लाल हुए बादल, उड़ा गुलाल लाल हुए बादल
       केसर हवा में घुली रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------
बज रहे ताल मृदंग-झाँझ-ढप, बज रहे ताल मृदंग-झाँझ-ढप
       और नगाड़ों की जोड़ी रे रसिया  ॥ आज बिरज में -----------

चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि, चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि

       युग-युग जिए यह जोड़ी रे रसिया ॥ आज बिरज में -----------

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें